भारत सरकार के नए नियमों से बौखलाए ट्विटर (Twitter) ने अब सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है और ऐसा लग रहा है कि सरकार को चिढाने की कोशिश कर रही है. पहले तो उसने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Vice President of India M Venkaiah Naidu) के निजी अकाउंट से ब्लू टिक हटाया और फिर उसके बाद कई RSS नेताओं के अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा दिया. आईटी मंत्रालय की ओर से इस मामले को लेकर कड़ाई से निपटने की बात कही गई तो ट्विटर ने वेंकैया नायडू के अकाउंट को आपस वेरिफाइड कर दिया और सफाई जारी की.

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट को अनवेरिफाइड किये जाने पर सफाई देते हुए ट्विटर ने कहा कि लंबे समय से अकाउंट को लॉग इन नहीं किया गया. इस वजह से ये कदम उठाया गया. ट्विटर प्रवक्ता की तरफ से कहा गया कि जुलाई 2020 से अकाउंट इनएक्टिवेट है. हमारी सत्यापन नीति के अनुसार अगर अकाउंट इनएक्टिवेट हो जाता है तो ट्विटर ब्लू टिक और वेरिफाइड स्टेटस हटा सकता है.

हालांकि, देखा जाए तो कुछ ट्विटर अकाउंट ऐसे भी हैं जो कई सालों से एक्टिव नहीं हुए हैं, फिर भी उन पर ब्लू टिक लगा है. मसलन, पूर्व वित्त मंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता अरुण जेटली के ट्विटर अकाउंट से आखिरी ट्वीट 7 अगस्त 2019 को हुआ था, लेकिन उनका अकाउंट अब भी वेरिफाई है.

RSS के जिन नेताओं के ट्विटर अकाउंट को अनवेरिफाइड किया गया उनमे आरएसएस के सह कार्यवाहक सुरेश सोनी, सर कार्यवाह सुरेश जोशी का नाम शामिल है. इसके अलावा भी कुछ और आरएसएस के नेताओं का अकाउंट अनवेरीफाइड किया गया है.

मीडिया के अनुसार उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अकाउंट को अनवेरिफाइड किये जाने पर सरकार ने सख्त एक्शन लेने का मन बना लिया है. आईटी मंत्रालय की ओर से आज ट्विटर को नोटिस भेजा जाएगा जिसमें पूछा जाएगा कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक को बिना जानकारी बताए कैसे हटा दिया गया? ये भारत के संवैधानिक पद की अवमानना है.