कोरोना काल में कई लोगों की नौकरी चली गई. कई लोगों को जान गंवानी पड़ी. कई परिवार बिखर गए. ऐसे मुश्किल वक़्त में टाटा स्टील (Tata Steel) ने अपने कर्मचारियों के हित में अहम फैसला लिया है. कंपनी का कहना है कि अगर किसी कर्मचारी की मौत कोरोना से हो जाती है तो उसके परिवार को कर्मचारी की सैलरी मिलती रहेगी. टाटा ग्रुप ने कर्मचारियों के भले के लिए कई ऐसे कदम उठाए हैं जो मिसाल बन गए.

इतना ही नहीं कंपनी का कहना है कि कोरोना से जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिवार को सभी मेडिकल फायदे और हाउसिंग सुविधाएं भी जारी रहेंगी. कंपनी ने साथ ही कोविड-19 की चपेट में आकर जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी अहम घोषणा की है. कंपनी ने कहा है कि ऐसे कर्मचारी के बच्चों की ग्रेजुएशन पूरी होने तक भारत में पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्चा टाटा स्टील वहन करेगी.

कंपनी की इस पहल की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है. लोग कह रहे हैं कि देश की हर कंपनी को टाटा से सीखने की जरूरत है. पिछले साल कोरोना के कारण बिजनस प्रभावित हुआ तो कई कंपनियों ने छंटनी शुरू कर दी थी. तब रतन टाटा ने कंपनियों के इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा था कि कंपनियों की शीर्ष लीडरशिप में सहानुभूति की कमी हो गई है. कर्मचारी अपना पूरा करियर कंपनी के लिए लगाते हैं और कोरोना वायरस महामारी जैसे संकट के समय में इनका सहयोग करने के बजाय ये बेरोजगार हो रहे हैं. टाटा ने कहा कि जिन्होंने आपके लिए काम किया, आपने उन्हें ही छोड़ दिया.