‘माफ़ करो महाराज, हमारा नेता शिवराज’ ये वो नारा था जो मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जुबान पर था. उस वक़्त सबके जेहन में ये ही ख्याल था कि अगर कांग्रेस 15 सालों बाद सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री की कुर्सी ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही मिलेगी. लेकिन जब 15 सालों बाद कांग्रेस को सत्ता मिली तो मुख्यमंत्री कमलनाथ बन गए.

डेढ़ सालों बाद हालत बदल गए. 15 सालों बाद मिली सत्ता कांगेस महज डेढ़ महीने ही संभाल पाई. उसके बाद क्या हुआ नतीजा सबके सामने है. कांग्रेस ने सत्ता भी गंवाई और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसा नेता भी गँवा दिया. कभी जो शिवराज (Shivraj Singh Chouhan), ज्योतिरादित्य के लिए ‘माफ़ करो महाराज’ कहा करते थे, उन्ही शिवराज ने आज कुछ उसी अंदाज में ज्योतिरादित्य (Jyotiraditya Scindia) का स्वागत किया.

शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘स्वागत है महाराज, साथ है शिवराज’  लोगों को शिवराज का स्वागत का ये तरीका खूब पसंद आया और ये ट्वीट देखते ही देखते वायरल हो गया.

ना सिर्फ शिवराज ने बल्कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ वसुंधरा राजे ने भी अपने भतीजे का स्वागत करते हुए लिखा, ‘आज यदि राजमाता साहब हमारे बीच होतीं तो आपके इस निर्णय पर जरूर गर्व करती. ज्योतिरादित्य ने राजमाता जी द्वारा विरासत में मिले उच्च आदर्शों का अनुसरण करते हुए देशहित में यह फैसला लिया है, जिसका मैं व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों ही तौर पर स्वागत करती हूं.’