देश भर में चल रहे भारी प्रदर्शनों के बीच, फ्री में गिफ्ट बाँटने वाले “क्रिसमस के बाबा” के नाम से मशहूर सैंटा क्लाज़ मुश्किल में फंस गए। हुआ यूँ कि दिलदारनगर में गिफ्ट बाँटने जा रहे सैंटा क्लाज़ को छोटी पुलिया के किनारे कुछ मनचले लड़कों ने घेर लिया और पूछने लगे – इतनी रात को चोरों की तरह बोरे में कबाड़ी लेकर कहाँ घूम रहे हो? पहले तो आईडी के नाम पर सैंटा हकबकया लेकिन युवकों द्वारा जबरदस्ती करने पर खुद को “जीसस बाबा सेवा समिति” का मोहल्ला प्रभारी बताया और कहने लगा – जिस तरह नेता लोग जाड़े में कम्बल बांटते हैं वैसे ही मैं बच्चों को गिफ्ट बाँटने निकला हूँ।

बाँटने की बात सुनकर ग्रुप की एक लड़की “प्रज्ञा सिधवानी” ने जब आईफोन 11 की सफेद रौशनी में सैंटा की सफेद दाढ़ी देखा तो भड़क गई और कहने लगी – “आज चोरी छिपे गिफ्ट बाँट रहा है कल देश बाँटेगा। इसकी आई डी चेक करो।”

लौंडे सैंटा को आई डी प्रूफ दिखाने को कहने लगे। सैंटा ने खुद को विधायक का भतीजा बताकर मामले को रफ़ा दफ़ा करने की कोशिश की। लेकिन तभी कुछ लड़के कहने लगे आईडी -वाईडी से कुछ पता नहीं चलेगा, इससे तो भारत माता की जय के नारे लगवाओ। वरना “का का छी छी” अधिनियम के तहत देश से निकाल दिया जाएगा। सैंटा ने खुद को माइनॉरिटी की जमात से होने की बात कर बेकसूर बताया तो लड़कों ने कहा, अच्छा तो तू माइनॉरिटी है। चल अपनी दूकान दिखा। ये कहने पर सैंटा ने कहा – सब माइनॉरिटी पंचर ही नहीं बनाते साब।

ग्रुप के एक अन्य लड़के ने जब सैंटा के गिफ़्ट की चेकिंग की तो उसमें से 1 -1 किलो के कई चावल के पैकेट मिले और ख्रिष्टपुराण नाम की किताब भी मिली। लेकिन सैंटा किसी तरह चकमा दे कर वहां से भाग निकला और आंध्र प्रदेश की तरफ जाने वाली ट्रेन में चढ़ कर भाग निकला।

Note: यह लेख एक व्यंग है और इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।