अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच जारी तनाव के मद्देनज़र भारतीय मीडिया उम्मीद लगा रहा था कि दोनों देशों के बीच युद्ध अब हुआ कि तब हुआ। लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो पा रही थी। क्योंकि दोनों देश एक दुसरे को पिछले एक हफ्ते से सिर्फ धमकियाँ दिए जा रहे हैं। बीच बीच में छिटपुट रोकेट दागे जाते लेकिन जिस धमाकेदार युद्ध का भारतीय मीडिया इंतज़ार कर रहा था वो देखने को नहीं मिल रहा था।

अमेरिका को उकसाने के लिए जी न्यूज रोज ईरान के नए नए ठिकानों की जानकारी देता ताकि ट्रम्प उनपर हमला कर सके। आज तक रोज रात को दोनों देशों की मिलिट्री ताकत की तुलना करके अमेरिका को आश्वस्त करता कि ट्रम्प जी आप हमला कर दो, जीत आपकी ही होगी लेकिन फिर भी ट्रम्प खामोश बैठे हुए थे। नेशन वांट्स टू नो युद्ध कब शुरू होगा पूछ पूछ कर अर्नब का गला खराब हो गया लेकिन न तो अमेरिका ने कोई जवाब दिया और न ईरान ने।

रवीश कुमार ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध न हो पाने का ठीकरा मोदी सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि अजीब विडम्बना है कि जेएनयू के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले मोदी का दोस्त पिद्दी सा ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ पा रहा।

अमेरिका और ईरान की बक्चोदियों से तंग आ कर भारतीय मीडिया ने अपने आपस के सारे गिले शिकवे और झगडे को भूलते हुए एक साथ एक महागठबंधन बना कर ईरान पर हमला बोल दिया। मीडिया सेना ने तेहरान को निशाना बनाते हुए अंजना ओम कश्यप और अमीश देवगन को छोड़ दिया। अंजना और अमीश के शहर में घुसते ही सारे तेहरान में हाहाकार मच गया।

मीडिया सेना ने इरान के दुसरे सबसे बड़े शहर अलीगुदर्ज़ पर करीब 60 हज़ार फुट की उंचाई से बरखा दत्त को गिराया तो सारा अलीगुदर्ज़ धुआं धुआं हो गया। भारतीय मीडिया के सबसे घातक हथियार सुधीर चौधरी ने जब अनगिनत नैनो चिप के साथ अर्दकान शहर में दस्तक दी तो वहां भयंकर तबाही मची। विशेषज्ञों का कहना है कि सुधीर चौधरी के नैनो चिप के रेडियेशन के कारण अर्दकान शहर कि कई पीढियां अंधी और बहरी पैदा होगी।

ताजा समाचार मिलने मिलने तक मंदी ने ट्रम्प को चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो वो ईरान पर 5 घंटों के अन्दर हमला करे या फिर अर्नब गोस्वामी को ईरान पर गिरा कर सारे ईरान को तबाह कर दिया जाएगा और फिर ट्रम्प चुनाव हार जाएगा। ट्रम्प ने आपात मीटिंग बुलाई है।

Note: यह लेख एक व्यंग है और इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।