राज्यसभा में आज दिल्ली दंगों पर चर्चा हुई. इस दंगों की जड़ में CAA विरोध था. इसलिए दंगों पर चर्चा शुरू हुई तो ये आगे बढ़कर CAA और NPR तक भी आई और फिर जो हुआ उसमे कपिल सिब्ब्बल जैसा धुरंधर वकील भी भौचक रह गया. क्योंकि गृहमंत्री उन्हें अपनी गुगली में फंसा चुके थे और कपिल सिब्बल सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए.

राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विपक्षी नेताओं हमला करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं ने CAA और एनपीआर पर मुसलमानों को गुमराह किया है कि उनकी नागरिकता छिन जाएगी. अमित शाह ने कहा, ‘पूरे देशभर में अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिम भाइयों के मन में भ्रम फैला दिया गया कि आपकी नागरिकता छिन जाएगी. मैंने सदन के सदस्यों से बार-बार पूछा कि एक भी प्रावधान बता दो जिससे किसी की नागरिकता जाएगी. सीएए किसी की नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है.’ उन्होंने कपिल सिब्ब्बल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कपिल सिब्बल साहब सुप्रीम कोर्ट के बहुत बड़े वकील हैं. सीएए में कोई एक ऐसा प्रावधान बता दीजिए जिससे मुस्लिमों की नागरिकता जाती हो.’

इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल उनकी गुगली में फंस गए और उन्हें बोलना पड़ा कि कोई नहीं कह रहा कि सीएए किसी की नागरिकता छीनेगा. बस फिर क्या था कपिल सिब्बल का इतना कहना था कि वो लोगों के निशाने पर आ गए. राज्यसभा में ही अमित शाह ने सिब्बल के इस बयां को लपकते हुए कहा कि वो कांग्रेस के कई नेताओं को कोट कर सकते हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि सीएए मुसलमानों की नागरिकता छीन लेगा.

बीजेपी आईटी सेल के इंचार्ज अमित मालवीय ने सिब्बल के बयान के हिस्से को ट्वीट कर सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला बोला. मालवीय ने पूछा कि अगर CAA किसी की नागरिकता नहीं छीन रहा और ये बात कांग्रेस को मालूम है तो सोनिया गांधी लोगों को घर से निकलने, सड़क पर उतरने और कुर्बानी देने के लिए क्यों उकसा रही थीं.