भारतीय सुरक्षा बलों ने पुलवामा (Pulwama) 2.0 की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. करीब 40 किलो विस्फोटकों से भरी एक सफ़ेद सैंट्रो कार को सुरक्षा बलों ने ट्रैक किया और जब्त कर लिया. हांकी इस दौरान कार का आतंकी ड्राईवर भागने में कामयाब रहा. जंगलों में ले जा कर इस कार को विस्फोर्ट कर उड़ा दिया गया. इस हमले का प्लान बिलकुल वैसा ही था जिस तरह से 2019 में पुलवामा में आतंकी हमला किया गाय था. उस हमले में CRPF के  40 जवान शहीद हो गए थे. 15 दिनों बाद ही भारत ने एयर स्ट्राइक कर पुलवामा का बदला लिया था.

जम्मू-कश्मीर पुलिस आईजी विजय कुमार ने बताया कि इस साजिश के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पूरे ऑपरेशन के बारे में विसार से जानकारी दी. उन्होंने बताया, ‘हमें पिछले एक हफ्ते से इनपुट मिल रहे थे कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर ए तैयबा और हिजबुल मिलकर आत्मघाती हमले की फिराक में हैं. इसमें ये कार बम का इस्तेमाल कर रहे हैं. कल दिन में हमारी जानकारी पुख्ता हो गई. इसके बाद शाम को पुलवामा पुलिस ने सीआरपीएफ, सेना ने कार को ट्रैक करके कई जगह नाका लगाया.’ 

आईजी ने बताया, ‘नाका पार्टी ने वॉर्निंग फायर किया जिसके बाद आतंकियों ने गाड़ी घुमाकर भागने की कोशिश की. इसके बाद उन्हें दूसरी वार्निंग दी गई जिसमें आतंकी अंधेरे में चकमा देकर फरार हो गया और कार वहीं छूट गई. हमारी पार्टी ने दूर से देखा और सुबह होने का इंतजार किया. सुबह सेना के साथ बम डिफ्युजल की टीम वहां पहुंची और बम का पता लगाया. इसके बाद वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करके बम को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया गया. इस तरह बहुत बड़ा हादसा होने से टाल दिया गया.’ 

आईजी ने यह भी बताया कि शुरुआती इनपुट थे कि कार में 25 किलो तक विस्फोटक हो सकता है लेकिन जिस हिसाब से विस्फोट होने के बाद मलबा काफी ऊपर उठा था जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 40 और 45 किलो तक आईईडी होगा.