प्रवासी मजदूरों को लेकर उत्तर प्रदेश में महाभारत छिड़ गई है. प्रियंका गाँधी (Priyanka Gandhi) ने प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 बसें देने की पेशकश की तो योगी सरकार (Yogi Adityanath) ने भी उनकी पेशकश को तुरंत मानते हुए बसों की डिटेल मांगी तो प्रियानक गाँधी के ऑफिस से बसों के नाम पर ऑटो, कार और बाइक के नंबर भेज दिए गए. ये दावा किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथके प्रवक्ता ने. उन्होंने तो ये भी कहा कि कांग्रेस फर्जीवाड़ा कर रही है. अब प्रियंका और राहुल की मां सोनिया गांधी को जवाब देना होगा.

सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ‘कांग्रेस से जो बसों के रजिस्ट्रेशन नंबर मांगे गए थे तो उन्होंने 1 हजार बसों के नंबर दिए. हमने उनकी जांच शुरू की तो चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. बसों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर थ्री व्हीलर का रजिस्ट्रेशन नंबर निकला तो कहीं टाटा मैक्स का. सरकार के पोर्टल वाहन में ही सारी जानकारियां निकाली गई हैं. उन्होंने हजार बसों के रजिस्ट्रेशन नंबर दिए हैं. बसों के नाम पर गुड्स कैरियर दे दिए. सामान ढोने वाले वाहनों से श्रमिकों को लाएंगे?’ 

सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, ‘इतना ही कहा जा सकता है, राहुल और प्रियंका की फर्जीवाड़ा कांग्रेस पार्टी है. इनको श्रमिकों से कोई संवेदना नहीं है, कोई सेवाभाव नहीं है. उनके अंदर खाली एक बात है कि कैसे लाइमलाइट में रहें. वे लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. यह उन लोगों का रवैया सदियों से रहा है. पार्टी जब से आई है, तब से फर्जीवाड़ा कर रही है. चाहे नैशनल हेराल्ड के शेयर का मामला हो, चाहे कोयले की दलाली हो, चाहे जमीनों का मामला हो या चाहे कॉमनवेल्थ गेम हो, ये लोग फर्जीवाड़ा करते हैं.’ 

उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी को इसका जवाब देना चाहिए कि पार्टी क्या फर्जीवाड़ कर रही है. बेटा और बेटी फर्जीवाड़ा क्यों खेल रहे हैं. हमें जवाब दें कि क्या वह भी इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं.’