NDTV एक बार फिर विवादों में है. लद्दाख (Laddakh) में भारत और चीन के बीच तनाव वाली स्थिति है और मौका देख कर NDTV ने भारतीय सेना के बारे में फेक न्यूज फैला कर सनसनी पैदा करने की कोशिश की लेकिन जब सेना ने ही इसका खंडन कर दिया तो NDTV के झूठ की पोल खुल गई. संवेदनशील मुद्दों पर सनसनी फैलाना NDTV का पुराना शगल रहा है. इस बार भी उसने यही किया.

शनिवार 23 मई को NDTV ने सूत्रों के हवाले से एक खबर प्रकाशित करते हुए स]दावा किया कि सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक भारतीय गश्ती दल को चीनी सैनिकों द्वारा हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया था. हालाँकि NDTV ने सूत्र का नाम नहीं बताया कि किसने उसे ये खबर दी. जरूर उसके सूत्र चीनी सेना में रहे होंगे.

NDTV की इस सूत्रों वाली रिपोर्ट का भारतीय सेना ने खंडन कर दिया. भारतीय सेना की ओर से प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा, “हम इस तरह की खबरों का खंडन करते हैं. मीडिया इस तरह की गलत खबरें चलाता है तो इससे सिर्फ राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुँचता है.”

सेना के खंडन के बाद भी NDTV ने उस रिपोर्ट को डिलीट नहीं किया. इसको लेकर ट्विटर पर #BanNDTV ट्रेंड शुरू हो गया और लोगों ने इस तरह की देश विरोधी हरकत के लिए NDTV को जमकर फटकार लगाई. आपको बता दें कि NDTV ने इससे पहले कोरोना फैलाने में चीन की भूमिका का स्पष्ट रूप से बचाव किया था. पहले पाकिस्तान और अब चीन के प्रति NDTV का प्रेम देख लोगों का गुस्सा जायज भी है.