आपने वो MP टूरिज्म का विज्ञापन देखा है ‘MP अजब है, MP गज़ब है.’ उस विज्ञापन में बताया जाता है कि MP या मध्य प्रदेश में देखने के लिए कितनी चीजें हैं. आप उन चीजों में MP कांग्रेस (MP Congress) का नाम भी एड कर लीजिये. क्योंकि MP कांग्रेस (MP Congress) ने एक ऐसे कारनामे को अंजाम दिया है जो कोई अन्य पार्टी सोच भी नहीं सकती. दरअसल सांगठनिक बदलाव के दौरान कांग्रेस ने एक BJP नेता को अपना महासचिव बना दिया. है न दिलचस्प वाकया.

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पिछले दिनों मध्य प्रदेश में इतने लोग कांग्रेस छोड़ कर गए हैं कि पार्टी के पदाधिकारियों को अब ये यद् ही नहीं कि कौन उनका नेता है और कौन नहीं. उन्हें ये पता ही नहीं कि कौन पार्टी में है और कौन नहीं. यहीं वजह है कि बीजेपी नेता को कांग्रेस ने पदाधिकारी बना दिया है. जबकि जिस नेता को पदाधिकारी बनाया गया वो शख्स 8 महीने पहले ही पार्टी छोड़ चुका है और भाजपा में शामिल हो चुका है. लेकिन पार्टी की तरफ से जारी पदाधिकारियों की सूची में उसका नाम है.

जबलपुर निवासी हर्षित सिंघई बरसों से कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे थे और वे सिंधिया समर्थक माने जाते हैं. इसी बीच 8 माह पूर्व ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है. उनके समर्थक हर्षित सिंघई ने भी ऐसा ही किया और विधिवत रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली.

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हाल ही में यूथ कांग्रेस के चुनाव संपन्न हुए हैं. इस चुनाव के दौरान ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था रखी गई थी और उसमें हर्षित सिंघई को महासचिव पद का प्रत्याशी बनाया गया था. चुनाव संपन्न होने के बाद हर्षित सिंघई को 12 वोट भी मिल गए और महासचिव के लिए चुन लिए गए जबकि वे अब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता है. अब इस मामले को लेकर हर्षित न्यायलय की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं.