देश में संकट की घड़ी है. उद्द्योग धंधे बंद है. कल कारखाने बंद है. लोग अपनी घरों में कैद है. उद्योगपति, अभिनेता, खिलाड़ी सब इस संकट की घड़ी में अपनी जमा पूंजी को डोनेट कर देश की मदद कर रहे हैं तो ऐसे में देश के नेता कैसे पीछे रहते. मोदी कैबिनेट (Modi Cabinate) ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी सांसदों की सैलरी में एक साल तक के लिए 30 फ़ीसदी कटौती का ऐलान कर दिया. इसके अलावा एक और बड़ा फैसला लेते हुए सांसद निधि के तहत मिलने वाले फंड को भी दो साल के लिए सस्‍पेंड कर दिया गया है. अब इस फंड का इस्तेमाल कोरोना के खिलाफ जंग में होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर फैसला हुआ. इसमें तय किया गया कि इस फैसले को कार्य रूप देने के लिए एक अध्यादेश लाया जाएगा. बाद में जब संसद का सत्र शुरू होगा तो उसमें इस बारे में कानून पारित करा लिया जाएगा. सांसदों के अलावा रष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल भी 30 फीसदी कम वेतन लेंगे.

एमपी लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड MPLADS भी 2 साल के लिए निलंबित कर दिया गया है. इस मद में सालाना 5 करोड़ की राशी सांसदों को दी जाती है. लेकिन अब ये राशि कंसोलिडेटेड फंड ऑफ़ इंडिया में जमा होंगे, ताकि उससे कोरोनावायरस के दंश से लड़ा जा सके.