लॉकडाउन में सोनू सूद (Sonu Sood) गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बन कर उभरे हैं. ऐसे वक़्त में जब कोई फिल्म रिलीज नहीं हो रही और सभी एक्टर अपने अपने घरों में बंद हो कर सेल्फी अपलोड कर रहे हैं. लेकिन सोनू सूद प्रवासी मजदूरों को घर पहुँचाने में व्यस्त है. ऐसे समय में जब फ़िल्में रिलीज नहीं हो पा रही, सोनू सूद लगातार अपने काम की वजह से चर्चा में हैं. कई मजदूरों ने घर पहुँचने के बाद सोनू सूद को धन्यवाद कहा है. एक महिला ने तो अपने नवजात बच्चे का नाम सोनू सूद ही रख दिया.

एक यूजर ने सोशल मीडिया पर बताया कि लॉकडाउन के दौरान एक गर्भवती महिला को मुंबई से दरभंगा जाना था. अब ऐसी परिस्थिति में सोनू सूद ने आगे आकर उस महिला की मदद की. सोनू की पहल के चलते वो महिला मुंबई से दरभंगा पहुंच गई. अब उस महिला ने अपने बच्चे का नाम ही सोनू सूद रख दिया है. यूजर ने ट्वीट कर कहा, ‘काम बोलता है, और उस काम की इज्जत होती है, बाद में उस इज्जत को नाम दिया जाता है.’

इस ट्वीट पर सोनू सूद ने रिएक्शन देते हुए कहा, ‘यह मेरा सबसे बड़ा अवार्ड है.’ ये पहली बार नहीं है जब सोनू की तारीफ़ में लोगों ने ये कदम उठाया है. जिस तरह से सोनू सूद ने गरीबों और प्रवासियों की मदद की है , उन्हें लाखों दुआएं और आशीर्वाद भी मिल रहा है.