देश की सबसे लोकप्रिय मसाला कंपनी MDH मसाले के संस्थापक महाशय धर्मपाल गुलाटी जी (Mahashay Dharmpal Gulati) का आज तडके दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वो 98 वर्ष के थे. वो लम्बे समय से बीमार चल रहे थे. व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था.

देश के बंटवारे के वक़्त वो जेब में 1500 रुपये ले कर भारत आये थे. तब उन्होंने परिवार को सँभालने के लिए तांगा चलाना शुरू किया. धीरे धीरे उन्होंने पैसे इकट्ठे किये और दिल्ली के करोल बाग स्थित अजमल खां रोड पर मसाले की एक दुकान खोली. गुलाटी परिवार ने मसालों की सबसे पहली फैक्ट्री 1959 में राजधानी दिल्ली के कीर्ति नगर में लगाई थी. इसके बाद उन्होंने करोल बाग में अजमल खां रोड पर ऐसी ही एक और फैक्ट्री लगाई. 60 के दशक में एमडीएच करोल बाग में मसालों की मशहूर दुकान बन चुकी थी.

उन्हें सालाना 25 करोड़ रुपये का वेतन मिलता था. 98 वर्षीय गुलाटी का वेतन किसी अन्य एफएमसीजी कंपनी के सीईओ के मुकाबले सबसे अधिक थी. 1500 रुपये ले कर पाकिस्तान से भारत आने वाले महाशय जी की संपत्ति आज 5400 करोड़ रुपये है.

मसाले की एक दूकान से शुरू हुआ उनका बिजनेस आज इस मुकाम पर है कि भारत और दुबई में मसाले की 18 फैक्ट्रियां हैं. एमडीएच के 62 प्रॉडक्ट्स हैं. गुलाटी जी अपने मसालों का विज्ञापन खुद ही करते थे. गुलाटी जी अपनी सैलरी का 80 फीसदी दान करते थे. वो 20 स्कूल और 1 अस्पताल भी चला रहे थे.