कोरोना-कोरोना के बीच मध्य प्रदेश में आज एक अहम सियासी घटना हुई. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chouhan) चौहान को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया. इससे उनका चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया है. आज शिवराज चौथी बार राज्य की कमान संभालेंगे.

कोरोना वायरस के कारण शपथ ग्रहण सादगी के साथ होगा. राजभवन के भीतर शपथ की तैयारी शुरू हो गई है. उनके साथ मिनी कैबिनेट भी शपथ ले सकती है. माना जा रहा है कि इस शपथ ग्रहण में कम ही लोग हिस्सा लेंगे. विधायक दल की मीटिंग के लिए दिल्ली से कोई पर्यवेक्षक नहीं पहुँच पाया लेकिन विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रक्रिया में हिस्सा लिया.

पहली बार वह 29 नवंबर 2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद वह 12 दिसंबर 2008 में दूसरी बार सीएम बने. 8 दिसंबर 2013 को शिवराज ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी. 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 सालों बाद वापसी तो की लेकिन आपसी गुटबाजी के कारण 15 महीनों में ही अपनी सरकार गंवा बैठी. कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इसमें 6 मंत्री शामिल थे. बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए और मध्य प्रदेश एक बार फिर भाजपा की झोली में आ गया.