कोरोना (Corona) की वजह से लगभग सारे भारत में लॉकडाउन (Lockdown) का ऐलान किया गया है. लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं. दिल्ली और यूपी में बसें बंद हैं लेकिन फिर भी लोग बस स्टैंड पर आ कर भीड़ लगा कर खड़े हैं. सड़कों पर बाइकों के झुण्ड है. लोग बिना वजह सड़क पर घूम रहे.

बिहार में तो हदें ही पार हो गई. लोग बसों की छत पर बैठ कर सफ़र कर रहे हैं. कुछ लोग दिल्ली से ऑटो लेकर बिहार के लिए निकल पड़े. बिहार में शासन प्रशासन नाम की सारी व्यवस्था ध्वस्त है. बस वाले बेरोक टोक बस चला रहे हैं और लोग जाहिलों की तरह बसों की छत पर बैठ कर यात्रा कर रहे हैं.

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब में भी लोग बेवजह सड़कों पर हैं. उन्हें लग रहा है कि पिकनिक मनाने के लये सरकार ने सब कुछ बंद किया है. लिहाजा राज्य सरकारें अब कर्फ्यू लगा रही हैं. एक कहावत है लातों के भूत बात से नहीं मानते. ठीक वैसे ही कर्फ्यू की भाषा सुनने वाले लोग लॉकडाउन की बात नहीं मान रहे.

पहले पुरे पंजाब कर्फ्यू लगाया गया. उसके बाद पुरे महाराष्ट्र में कर्फ्यू लगाया गया. सबसे अधिक मरीज महाराष्ट्र में ही मिले है. लोगों को घरों में रहने में दिक्कत क्या है ये समझ से पड़े है. ऐसा लग रहा है लोग हर बात को हलके में ले रहे हैं. लोगों को इल्म नहीं है कि कोरोना की वजह से वुहान, यूरोप में क्या हालात बने हैं. लोगों को न तो अपनी जान की परवाह है और न दूसरों की जान की. लोगों की इस लापरवाही पर पीएम मोदी भी नाराजगी जता चुके हैं.