जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) के दौरान पीएम मोदी ने शाम 5 बजे ताली, थाली, घंटे और शंख बजाने को कहा था अपने बालकनी में खड़े हो कर. लेकिन कुछ अति उत्साही बेवकूफ टाइप लोग सड़क पर निकल कर ढोल, ढपली, घंटे बजाते हुए नाचने लगे. ये नज़ारा किसी छोटे शहर या किसी गाँव-कस्बों का नहीं था बल्कि इंदौर, अहमदाबाद जैसे शहरों में ये नज़ारा दिखा. सोशल मीडिया पर विडियो वायरल हुए और ये देख पीएम मोदी को गुस्सा आ गया.

पीएम मोदी ने नाराजगी भरा ट्वीट करते हुए लिखा कि लिखा कि ‘लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं.’

पीएम मोदी का गुस्सा जायज भी है. कई लोग सड़कों पर ऐसे नाच रहे थे मानों कोरोना बीमारी न हो कर कोई त्यौहार हो. ये नज़ारा देख किसी को भी गुस्सा आ जाए. लोग अपनी जिम्मेदारियां समझने को तैयार नहीं हैं. उन्हें लगता है सब कुछ सरकार ही करेगी. लोगों में सिविक सेन्स की इतनी कमी आश्चर्यजनक है.

सरकार सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कह कह कर थक गई लेकिन लोग कुछ समझने को तैयार ही नहीं है. लोग अपने जाहिलियत का प्रदर्शन कर न सिर्फ अपना मज़ाक बना रहे हैं बल्कि देश का मज़ाक बना रहे हैं और देश को खतरे में डाल रहे हैं.