इजरायल और फलस्तीन (Palestine) के बीच भले ही संघर्ष विराम हो गया हो लेकिन तनाव कम नहीं हुआ है. इस तनाव के बीच इजरायल (Israel) ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद (Mossad)के चीफ को बदल डाला है.

इजरायली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद दुनिया की सबसे ख’तरना’क ख़ुफ़िया एजेंसी मानी जाती है. तनाव के वक़्त मोसाद चीफ के बदले जाने का फैसला प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू यूँ ही नहीं लिया. पूर्व चीफ योसी कोहेन साल 2015 से इस पद पर तैनात थे. योसी कोहेन वही चीफ हैं जिनके कार्यकाल के दौरान मोसाद ने विदेशों में कई सफल खुफिया ऑपरेशन्स को अंजाम दिया है. नयी जिम्मेदारी डेविड बार्निया को सौंपी गई है.

नए मोसाद चीफ डेविड बार्निया इजरायली एलीट कमांडो फोर्स सायरेट मटकल में खूंखार कमांडो रह चुके हैं. बार्निया अभी तक योसी कोहेन के के बाद एजेंसी में दूसरे सबसे बड़े अधिकारी के रूप में तैनात थे. लेकिन अब उनके पास मोसाद की साख को बरक़रार रखने की जिम्मेदारी है.

डेविड बार्निया 1996 में मोसाद में शामिल हुए थे. तब से अब तक उन्होंने कई बड़े मिशन को अंजाम दिया है. वे पिछले 20 साल से मोसाद के त्ज़ोमेट डिवीजन की कमान संभाल रहे हैं. त्ज़ोमेट डिवीजन मोसाद के लिए एजेंटों की खोज करने और उनकी भर्ती करने का काम करता है.

मोसाद का एजेंट होना दुनिया का सबसे मुश्किल काम माना जाता है. बतौर मोसाद चीफ डेविड बार्निया के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं. एक तरफ जहाँ ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान और तुर्की मुस्लिम देशों का नया गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे अरब देशों की बादशाहत ख़त्म हो सके. ज्यादातर अरब देशों के साथ इजरायल के कूटनीतिक संबंध बहाल हो चुके हैं. लेबनान का संगठन हिजबुल्लाह भी इजरायल के लिए परेशानियाँ खड़े कर रहा है.