देश मे अब रोहिंग्या घुसपैठियों पर कारवाई शुरू हो गई है.हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आये जिसमे अवैध दस्तावेजों के जरिये रोहिंग्याओं को देश का नागरिक बनाए जाने की कोशिश हो रही थी. उत्तर प्रदेश में ऐसे दो मामले सामने आये. उसके बाद गृह मंत्रालय सतर्क हुआ और उसने देश में रहने वाले रोहिंग्याओं की जांच पड़ताल शुरू की. इसके अलावा अब म्यांमार के आंतरिक हालातों से बाख कर भारत में घुसने वालों पर भी रोक लगाईं जा रही है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को पड़ोसी देश म्यांमारर की सीमा से सटे चार पूर्वोत्तर राज्यों मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश को घुसपैठ की घटनाओं को लेकर सतर्क किया और कहा कि ऐसी सूरत में वे कानून के मुताबिक कार्रवाई करें. मंत्रालय के उपसचिव (NE III) कृष्ण मोहन उप्पू ने अपने खत में कहा कि म्यांमार के आंतरिक हालात के चलते भारत-म्यांमार सीमा से भारतीय क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध एंट्री की आशंका है और अब यह शुरू हो चुका है.

निर्देश दिए जा चुके है कि अवैध माइग्रेंट्स को कुछ जगहों पर रोक दिया जाए, उनकी बायोग्राफिक और बायोमेट्रिक जानकारी इकट्ठा की जाए और फर्जी भारतीय दस्तावेजों को रद्द कर दिया जाए. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश किसी विदेशी को ‘शरणार्थी’ नहीं घोषित कर सकते हैं. भारत संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी कन्वेन्शन 1951 और 1967 प्रोटोकॉल में शामिल नहीं है.

जम्मू कश्मीर में भी रोहिंग्याओं पर कार्रवाई शुरू हुई है. पुलिस ने रोहिंग्या के ख़िलाफ़ यह कार्रवाई ऐसे समय की है, जब उनमें से कुछ के पास से फ़र्जी दस्तावेज़, जिनमें आधार कार्ड और पासपोर्ट शामिल हैं, बरामद हुए थे. पिछले दिनों यूपी के मुरादाबाद में भी फर्जी दस्तावेजों के जरिये रोहिंग्याओं को देश का नागरिक बनाने का मामला सामने आया था. इस साजिश में एक ब्लॉक लेवल अफसर की संलिप्ता पाई गई थी.