एक आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता देश के संकट काल में नीचता और बेशर्मी पर उतर आये हैं. महामारी के वक़्त बिहार और यूपी में प्रवासी मजदूरों को मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया है. एक तरफ DTC की बसों में भर भर के उनको दिल्ली से भगाया जा रहा है. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर केजरीवाल के विधायक ये अफवाह फैला रहे हैं कि दिल्ली से यूपी जा रहे मजदूरों को योगी जी दौड़ा दौड़ा कर पिटवा रहे हैं.

AAP विधायक राघव चड्डा (Raghav Chadha) ने ट्वीट कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर झूठे आरोप लगाये. जबकि जिन प्रवासी मजदूरों को केजरीवाल दिल्ली से भगा कर यूपी बॉर्डर पर डंप कर रहे उन्हें योगी जी बसों से उनके शहरों तक भिजवा रहे हैं.

मीडिया में खबर आई कि घर पहुंचे प्रवासी मजदूरों ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल सरकार ने मजदूरों के घरों का बिजली पानी कनेक्शन कटवा दिया है. जिस कारण उनके पास दिल्ली से पलायन के अलावा और कोई रास्ता नहीं है. महेंद्र सिंह नाम के एक ट्विटर यूजर ने उन्ही रिपोर्ट के आधार पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘दिल्ली में रह रहे मजदूरों के घर का पानी, बिजली काट दिया गया. अफ़वाह फैलाई कि लॉकडाउन 3 महीने का होगा. अफ़रातफ़री मच गई. बसों में भर कर लोगों को यूपी बॉर्डर पर भेज दिया. रात भर गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ में 1000 से ज्यादा बसें लगाकर इनको गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई.’

महेंद्र सिंह के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए आम आदमी पार्टी विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने लिखा, ‘सूत्रों के मुताबिक़ योगी जी दिल्ली से UP जाने वाले लोगों को दौड़ा-दौड़ा के पिटवा रहे हैं. योगी जी बोल रहे हैं कि तुम क्यों दिल्ली गए थे. अब तुम लोगों को कभी दिल्ली जाने नहीं दिया जाएगा. मेरी यूपी सरकार से अपील है ऐसा न करें, इस मुश्किल की घड़ी में लोगों की समस्याओं को बढ़ाइए मत.’

विवाद बढ़ा तो राघव चड्डा ने अपने इस झूठे आरोप वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया. लेकिन इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो गया और अब राघव चड्डा पर FIR दर्ज हो गई है.

चड्ढा के ख़िलाफ़ वकील प्रशांत पटेल उमराव ने मामला दर्ज कराया है. उन पर डर का माहौल बनाने, घृणा व द्वेष फैलाने और सीएम योगी आदित्यनाथ की मानहानि करने का आरोप लगाया गया है. एफआईआर नोएडा में दर्ज कराई गई है.