दिल्ली सरकार (Arvind Kejriwal Government) का एक विज्ञापन विवादों में है. इस विज्ञापन में देश के पूर्वोत्तर में स्थित खुबसूरत राज्य सिक्किम (Sikkim) को नेपाल और भूटान की तरह अलग देश बना दिया गया. इस विज्ञापन के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार पर सवाल उठने लगे कि इतनी बड़ी गलती वो कैसे कर सकती है. वो भी तब जब LAC पर इस वक़्त भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति है.

दरअसल दिल्ली सरकार की तरफ से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है. इस विज्ञापन में आवेदन के लिए पात्रता के कॉलम में लिखा गया कि भारत का नागरिक हो या नेपाल, भूटान या सिक्किम की प्रजा हो. इस विज्ञापन में सिक्किम को भूटान और नेपाल की तरह ही अलग देश के तौर पर दिखाया गया. इस विज्ञापन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो भी छपी है.

सेना से सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के सबूत मांग कर लोगों का गुस्सा झेल चुकी दिल्ली सरकार एक बार फिर इस विज्ञापन के बाद विवादों में आ गई है.

सिक्किम साल 1975 में भारत का अभिन्न अंग बना. सिक्किम में जनमत संग्रह कराया गया. जनमत संग्रह में 97.5 फीसदी लोगों ने भारत के साथ जाने की वकालत की. इसके बाद सिक्किम को भारत का 22वाँ राज्य बनाने का संविधान संशोधन विधेयक 23 अप्रैल, 1975 को लोकसभा में पेश किया गया. लेकिन लगता है कि केजरीवाल सरकार का जनरल नॉलेज इतना कमजोर है कि उन्हें भारत का इतिहास तक नहीं पता. जिस बात को देश का बच्चा बच्चा जानता है उसे केजरीवाल सरकार नहीं जानती.