सेलेब्रिटी और उनके नखरे. जिस कनिका कपूर (Kanika Kapoor) की वजह से लखनऊ से लेकर राजस्थान तक हडकंप मच गया था. संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की जान सांसत में अटकी हुई थी उस कनिका कपूर के स्टार वाले नखरे से अब हॉस्पिटल प्रशासन परेशान है.

कोरोना पॉजिटिव पायी जाने के बाद कनिका को शुक्रवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में दाख़िल कराया गया था लेकिन एक दिन बाद ही स्थिति ऐसी हो गई कि अस्पताल को एक प्रेस रिलीज़ जारी करके उनसे सहयोग की अपील की गई है.

पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि कनिका कपूर एक पेशंट की तरह व्यवहार ही नहीं कर रही है। उनके स्टार वाले नखरों से पूरा अस्पताल परेशान है. हमारे पास और भी मरीज हैं लेकिन किसी के इतने नखरे नहीं है जितने कनिका कपूर के है.

कनिका ने एक वेबसाईट को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘पीजीआई में जेल जैसा महसूस कर रही हैं. कमरे में मच्छर हैं और धूल भरी हुई है. उनका आरोप है कि जब डॉक्टर से उसे साफ करवाने को कहा जाता है कि तो वह कहते हैं कि यह फाइव स्टार होटल नहीं है.

कनिका कितना सच बोल रही है इसका अंदाजा इस बात से लगाइए कि उन्होंने कहा था वो एक छोटी सी पार्टी में गई थी जहाँ महज 20-30 लोग थे. बात में पता चला कि वो लखनऊ से लेकर कानपुर तक घूमी और 300 से 400 लोगों के संपर्क में आई.

पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा, ‘हमने हॉस्पिटल की बेस्ट फैसिलिटी उन्हें मुहैया कराई है. एयर कंडीशन रूम दिया गया है जिसमें अटैच टॉइलट और एयर हैंडलिंग यूनिट है जिसमें मच्छर और गंदगी का सवाल ही नहीं है. रूम में टीवी तक लगा हुआ है. पहले उन्होंने कहा मैं घर का खाना खाऊंगी, लेकिन यह इलाज में संभव नहीं था. फिर उन्होंने कहा कि ग्लूटन फ्री फूड चाहिए तो उनकी मांग के मुताबिक ग्लूटन फ्री फूड दिया जा रहा है जो हमारे किचन में अलग तैयार होता है.’

धीमान ने कहा, ‘कनिका की आगे भी पूरी केयर की जाएगी, लेकिन पहले उन्हें एक मरीज की तरह यहां रहना होगा न कि एक स्टार की तरह.’