देश में कोरोना वायरस दिनों दिन अपने पाँव पसारते जा रहा है. स्कूल-कॉलेज और सिनेमाहॉल बंद है. लोगों से भीड़ में न जाने को कहा गया है. दफ्तर बंद हैं और लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. ऐसे बेचारे सांसदों को काम करना पड़ रहा है. तो सांसदों ने मांग की कि करोना (Corona) की वजह से संसद का सत्र स्थगित कर देना चाहिए. इस पर पीएम मोदी (Narendra Modi) ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई.

पीएम मोदी ने संसद सत्र रद्द करने की मांग करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, कई लोग बड़े खतरे के बावजूद अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. संकट की इस घड़ी में  सांसदों को अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भागना चाहिए बल्कि सभी  सांसदों को सामने आकर लोगों की मदद करनी चाहिए.

उन्होंने कहा,

‘मैं जो सुन रहा हूं वह सही नहीं है. सांसदों को इस महामारी से लड़ने के लिए सामने खड़ा दिखना चाहिए. हमें भारतीय वायुसेना और एयर इंडिया के क्रू मेंबर्स के बारे में सोचना चाहिए, जो कोरोना प्रभावित देशों से भारतीयों को निकाल रहे हैं. हमें उन डॉक्टरों और नर्सों के बारे में भी सोचना चाहिए जो प्रभावित मरीजों का इलाज कर रहे हैं. उन ग्राउंड स्टाफ के बारे में सोचना चाहिए जो लोगों का सामान निकाल रहे हैं. अगर ये भी इस समय ब्रेक पर जाने का फैसला करेंगे तो क्या होगा?’

पीएम मोदी ने साफ़ कहा कि संकट की इस घड़ी में बजट सत्र को छोटा नहीं किया जाएगा. बल्कि लोगों के सामने उदाहरण पेश किया जाएगा कि उनके जनप्रतिनिधि मुश्किल वक़्त में उनके साथ हैं.