पीएम मोदी ने कोरोना के कहर को देखते हुए CBSE की 12वीं की परीक्षा को रद्द करने का ऐलान कर दिया. उसके बाद इसका श्रेय लेने की कोशिश में कांग्रेस जुट गई. मंगलवार शाम पीएम मोदी के ऐलान के ठीक बाद कांग्रेस ने इसका क्रेडिट पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को दिया. पार्टी के नेताओं और प्रवक्ताओं ने दावा किया कि कांग्रेस महासचिव का दवाब ही था, जिसके कारण मोदी सरकार को झुकना पड़ा.

कांग्रेसियों ने प्रियंका गांधी की तारीफों के पुल बांधने में कोई कसर बाकी नहीं रखी. उत्‍तर प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया की उपाध्‍यक्ष पंखुड़ी पाठक ने इसे ‘ईमानदार कोशिश की ताकत’ करार दिया. पाठक ने लिखा कि ‘प्रियंका गांधी के शिक्षा मंत्री को पत्र लिखने के बाद सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं. वह लगातार स्‍टूडेंट्स और पेरेंट्स के संपर्क में रही हैं और उनकी चिंताओं को कई मौकों पर आवाज दी है.’

ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सचिव प्रणव झा लिखते हैं कि ‘प्रियंका गांधी के यह मुद्दा उठाने पर लापरवाह सिस्‍टम जाग उठा.’ यूपी कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी प्रियंका को धन्‍यवाद दिया गया. बीजेपी के नेताओं ने भी कांग्रेसियों के दनादन ट्वीट करने पर ताने मारने में देर नहीं की.

बीजेपी नेता पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं को छत्तीसगढ़ की याद दिला रहे हैं, जहां उनकी सरकार ने 12वीं की परीक्षाएं शुरू करवा दी हैं. भाजपा ने कहा कि प्रियंका के कहने पर अगर पूरे देश में 12वीं की बोर्ड परीक्षााएं रद्द हो सकती हैं तो छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस की ही सरकार है. मध्‍य प्रदश में भाजयुमो के अध्‍यक्ष ने लिखा कि ‘कांग्रेस शासित छत्‍तीसगढ़ के आज 12वीं के छात्रों ने पहला पेपर दिया और चमचे सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का श्रेय प्रियंका गांधी को दे रहे हैं.’