साल 2008, दिल्ली के बाटला हाउस में दिल्ली पुलिस ने आतंकियों का एनकाउंटर किया था. इस एनकाउंटर के बाद सियासत काफी तेज हो गई थी. तब कांग्रेस नेता और तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने आजमगढ़ की चुनावी रैली में कहा कि बाटला हाउस एनकाउंटर की तस्वीरें देखकर सोनिया गांधी रो पड़ी थी. इस बयान को लेकर काफी बवाल हुआ था. कांग्रेस पर आरोप लगे कि उसके मन में आतंकियों के लिए सहानुभूति है. अब 2020 में आठ पुलिसकर्मियों का हत्या करने वाले गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर यूपी पुलिस ने किया तो एक बार फिर अपराधियों के लिए कांग्रेस की ममता उमड़ पड़ी और कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मानवाधिकार आयोग पहुँच गए.

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तहसीन पूनावाला (Tahseen Poonawala) ने ट्वीट कर बताया कि विकास दुबे (Vikas Dubey)का एनकाउंटर (Encounter) फेक है इसलिए वो मानवाधिकार आयोग जा रहे हैं. उन्होंने लिखा, ‘मैंने यूपी के नेताओं, योगी आदित्यनाथ सरकार और यूपी के पुलिस पदाधिकारियों को बचाने के लिए तय स्क्रिप्ट के तहत शुक्रवार सुबह को विकास दुबे कथित फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है.’ 

तहसीन ने अपने ट्वीट में शिकायतों की एक कॉपी संलग्न की है. इसमें उन्होंने इस एनकाउंटर पर कुछ सवाल उठाये हैं. उन्होंने सवाल उठाये कि सड़क बिल्कुल सपाट और अच्छी है तो फिर एसयूवी पलट कैसे गई? विकास दुबे शारीरिक रूप से तंदुरुस्त नहीं है, बावजूद इसके उसने बेहद तंदुरुस्त पुलिस वालों को धक्का देकर पलटी हुई गाड़ी से निकल कैसे गया, खासकर तब जब आरोपी को पुलिसवालों के बीच में बिठाया जाता है? विकास दुबे इतना बड़ा खूंखार अपराधी था, फिर भी उसका हाथ बंधा क्यों नहीं था? विकास दुबे ने जो पिस्टल पुलिस वाले से छीना, वो वर्दी के साथ अटैच क्यों नहीं था?  विकास दुबे की गाड़ी साथ जा रहे पुलिस वाले क्या कर रहे थे?