CAA विरोधी दंगाइयों द्वारा दिल्ली पुलस के हेड कांस्टेबल रतन लाल (Ratan Lal) की हत्या के बाद मंगलवार को किंग्सवे कैम्प में अंतिम विदाई दी गई. उन्हें अंतिम विदाई देने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी पहुंचे. दिल्ली पुलसी कमिश्नर ने उनकी अर्थी को कंधा दिया.

उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जाने वाले थे लेकिन नाराज लोगों की भीड़ ने अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद अरविन्द केजरीवाल वापस लौट गए.

रतन लाल के पार्थिव शरीर को घर लाये जाने की बात जैसे ही इलाके में फैली. हज़ारों लोग जमा हो गए. आसपास के इलाके में रहने वाले हजारों लोग गली के चौराहे पर खड़े हो गए. केजरीवाल का काफिला बुराड़ी तक पहुंचा तो लोग उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे. लोगों में शहीद रतन लाल की हत्या के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा था. आक्रोशित लोगों ने ‘केजरीवाल, वापस जाओ’ और ‘गो बैक केजरीवाल’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों की सलाह पर अरविन्द केजरीवाल वापस लौट गए.

मुख्यमंत्री के वापस लौट जाने की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया. मुख्यमंत्री को रिसीव करने के लिए क्षेत्रीय विधायक संजीव झा मौजूद थे. लोगों में नाराजगी इस कदर थी कि विधायक के साथ भी धक्का-मुक्की की गई. जिसके बाद संजीव झा भी मौके से चले गए. करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रही, जिस वजह से जाम लग गया. पुलिस ने बड़ी मशक्कत से लोगों को समझा-बुझाकर सड़क को खुलवाया.