मंगलवार की रात जब हम चैन से सो रहे थे तब देश का आईटी कैपिटल बेंगलुरु धू धू कर (Bangalore Riots) जल रहा था. वजह थी एक फेसबुक पोस्ट. कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे ने फेसबुक पर कथित तौर पैगम्बर मोहम्मद को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट लिखी जिससे ‘शांतिप्रिय समुदाय’ की भावना आहत हो गई और उन्होंने बेंगलुरु को ज’ला डाला. सुबह जब लोग उठे तो बेंगलुरु की सड़कों पर जली हुई गाड़ियों का अम्बार, पत्थरों के ढेर से पटी सड़कें और कांच के बिखरे टुकड़े रात की दास्ताँ सुना रहे थे.

कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे ने फेसबुक पर कथित भड़काऊ पोस्ट किया था. हालांकि, बाद ये पोस्ट डिलीट भी कर दी गई. बावजूद इसके कथित भड़काऊ पोस्ट को लेकर बड़ी संख्या उपद्रवियों ने विधायक श्रीनिवास मूर्ति के बेंगलुरू स्थित आवास पर हमला कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की. इस दौरान आगजनी भी की गई.

मंगलवार रात लगभग 9 बजे से भीड़ विधायक श्रीनिवास मूर्ति के घर और पूर्वी बेंगलुरु के डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र होने लगी. दर्जनों की संख्या में पहुंचे लोगों ने लगभग 9 बजकर 30 मिनट पर विधायक के घर पर हमला बोल दिया. थाने पर तोड़फोड़ की और थाने को आग के हवाले कर दिया गया.

पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया. लेकिन वो शांतिप्रिय समुदाय की भीड़ थी, बातों से थोड़े ही न मानती है. नतीजा शांतिप्रिय समुदाय की भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिसवालों को जमकर पीटा. हालात बेकाबू होने पर रात 12 बजे के बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी.

फायरिंग में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने 110 लोगों को हिरासत में लिया.  शहर में धारा 144 लागू कर दी. डीजे हल्ली और केजी हल्ली दो थानांतर्गत इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया. रात में ही विधायक के भतीजे ने पोस्ट डिलीट कर दी और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.