कोरोना (Corona) वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन है. सरकार और पूरा सरकारी अमला मोर्चे पर डटा हुआ है. डॉक्टर भी मोर्चे पर डटे हुए हैं. सब अपनी जिम्मेदारी निभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. लेकिन वामपंथियों को ऐसे माहौल में भी प्रोपगैंडा करना है. सोशल मीडिया पर अचानक से कई ऐसे अकाउंट सामने आ गए जिन्हें इस महीने ही क्रिएट किया गया. ये एकाउंट्स डॉक्टरों के नाम से बनाये गए हैं. इन्हें पूरा वामपंथी गैंग फॉलो करने लगता है. मसलन बरखा दत्त, शेखर गुप्ता जैसे बड़े पत्रकार इस हैंडल को फॉलो करते हैं. इन नए बने अकाउन्ट्स से सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाये जाते हैं. मास्क नहीं है, ग्लव्स नहीं है, दवाइयां नहीं है जैसे ट्वीट कर के पैनिक क्रियेट किया जाता है. तमाम बड़े हैंडल इसे रीट्वीट करते हैं. सरकार को घेरा जाता है. राहुल गाँधी भी रीट्वीट करके सरकार पर सवाल उठाते हैं. लेकिन पोल खुल गई. फेक न्यूज फैलाने के लिए नया बना ट्विटर अकाउंट माफ़ी माँग लेता है और अकाउंट डीएक्टिवेट हो जाता है.

पहला अकाउंट है डॉ कामना कक्कर के नाम से. इस अकाउंट से किये गए एक ट्वीट ने आज सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. ट्विटर प्रोफाइल के अनुसार कामना कक्कर हरियाणा के रोहतक के पीजीआईएमएस में डॉक्टर है. ट्नेविटर अकाउंट इसी महीने मार्च में क्रिएट किया गया. इस अकाउंट से किये गए एक ट्वीट में दावा किया कि अधिकारियों द्वारा डॉक्टरों को एन 95 मास्क और दस्ताने नहीं दिए जा रहे हैं.

इस अकाउंट से एक के बाद एक कई ट्वीट किये गए और आतंक फैलाया गया कि हालात बहुत खराब है. बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही डॉक्टरों को रोगियों का इलाज करने के लिए मजबूर किया जा रहा था. एक ट्वीट में तो ये भी कहा गया कि “जब N-95 मास्क उपलब्ध हो जाए तो उसे हमारे कब्रों में भेज देना और साथ में थाली और ताली भी बजा देना.” इस ट्वीट को करीब 9 हज़ार रीट्वीट मिले. कई बड़े हैंडल ने इसे RT दिया. बरखा दत, शेखर गुप्ता जसी बड़े पत्रकारों के साथ साथ राहुल गाँधी ने भी इस ट्वीट को शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा. वैसे भी राहुल गाँधी आज कल सरकार पर निशाना साध कर ही टाइम पास कर रहे हैं क्योंकि पूरी दुनिया लॉकडाउन है और वो कहीं छुट्टियाँ मनाने नहीं जा सकते.

इस तथाकथित डॉक्टर की दास्तान सुनकर कई लोगों ने मदद के लिए इनसे डिटेल मांगी. क्राउड फंडिंग करने वाली वेबसाईट केट्तो और एक IPS अधिकारी ने भी डिटेल मांगी ताकि मदद की जा सके लेकिन इस तथाकथित डॉक्टर ने किसी को भी अपनी और अपने हॉस्पिटल की जानकारी नहीं बताई.

कई लोगों ने सवाल उठाये कि वो मदद के लिए किसी को अपनी डिटेल क्यों नहीं दे रही? लेकिन कोई जवाब नहीं आया. कुछ लोगों ने तो अखबारों की रिपोर्ट भी दिखाई कि रोहतक में डॉक्टरों के पास सारे उपकरण, मास्क, स्पेशल शूट फ़रवरी से ही उपलब्ध है.

उसके बाद शायद प्रोपगैंडा की पोल खुल गई तो तथाकथित डॉक्टर कामना कक्कर ने माफी मांगते हुए ट्वीट किया, ‘मैं गलत न्यूज देने के लिए माफ़ी मांगती हूँ. N-95 मास्क और अन्य उपकरण उपलब्ध है हमारे इंस्टिट्यूट में उपलब्ध है.’ ये ट्वीट करने के बाद अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया गया. शायद प्रोपगैंडा की पोल खुल गई थी.