भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली पर बयान दे कर देश के राजनितिक हलकों में सनसनी मचा दी। विपक्ष जहाँ अरुण जेटली से स्तीफे की मांग कर रहा वहीँ सत्ता पक्ष राहुल गांधी पर पलटवार कर रहा। इसी बीच इस कांड में नया मसाला डाला है उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चैयरमैन वसीम रिजवी ने।

रिजवी ने इस जुबानी जंग को ये कह कर नया मोड़ दे दिया कि एक वक़्त राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आज़ाद ने विजय माल्या पर केस न करने के लिए रिजवी पर दवाब डाला था।

रिजवी ने दावा किया कि माल्या ने मेरठ के निकट वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा किया था और वो माल्या पर FIR दर्ज करना चाहते थे लेकिन कोई कारवाई नहीं हो सकी थी।

रिजवी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने माल्या पर कारवाई के लिए बड़े अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो उनके पास कांग्रेस नेता गुलाम नवी आज़ाद का फोन आया और उन्होंने राहुल गांधी से रिजवी की बात कराई। बकौल रिजवी, राहुल जी ने कहा कि माल्या शरीफ आदमी है आप उनपर कारवाई ना करें।

फिलहाल तो सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में और कई सनसनीखेज खुलासे होने के आसार बन रहे हैं।